बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ अनमोल बातो की # सकारात्मक सोच # प्रेरणादायी # Quotes #

1. चरित्र निखरे तो अच्छा है लेकिन हर जगह प्यार बिखरे तो और भी अच्छा है

सत्य बोलना अच्छा है लेकिन दूसरों के प्राणों की रक्षा के लिए झूठ बोलना और भी अच्छा है

कर्ज चुकाना अच्छा है लेकिन फर्ज निभाना और भी अच्छा है

बुराई का नियंत्रण अच्छा है लेकिन अच्छाई का आमंत्रण और भी अच्छा है

दूसरों की भलाई करना अच्छा है लेकिन अपनी बुराई ढूँढना और भी अच्छा है

2. सकारात्मक सोच ✍️✍️

दुःख में सुख खोज लेना,

हानि में लाभ खोज लेना,

प्रतिकूलताओं में भी अवसर खोज लेना सकारात्मक दृष्टिकोण है

जीवन का ऐसा कोई बड़ा दुःख नहीं जिसमे सुख की परछाईयों को ना देखा जा सके।

जिन्दगी की ऐसी कोई बाधा नहीं जिससे कुछ प्रेरणा ना ली जा सके

3. ग़लत पासवर्ड से एक छोटा सा मोबाइल नहीं खुलता तो सोचिये कि

ग़लत कर्मो से हमारे लिये परमात्मा का द्वार कैसे खुल सकता है

4. अपने बच्चों को पैसे नहीं दोगे तो

वह कुछ पल के लिए रो सकता है

परंतु उसे समय नहीं दोगे तो

आप ज़िंदगी भर के लिए रो सकते हो

5. लोगो ने समझाया कि वक्त बदलता है और

वक्त ने समझाया कि लोग भी बदलते है

6. समय ,सत्ता ,संपत्ति और शरीर चाहे साथ दे या ना दे

लेकिन स्वभाव , समझदारी और सच्चे संबंध हमेशा साथ देते हैं

7. किसी की मजबूरियों पर ना हँसिये

कोई मजबूरियाँ खरीद कर नहीं लाता

डरिये वक़्त की मार से

बुरा वक़्त किसी को बताकर नहीं आता

अक्ल कितनी भी तेज ना हो,नसीब के बिना जीत नही सकती

बीरबल अक़्लमंद होने के बावजूद कभी बादशाह नहीं बन सका

ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो

ना ही तुम अपने कंधे पर सिर रखकर रो सकते हो

एक दूसरे के लिए जीने का नाम ही ज़िंदगी है

इसलिए वक़्त उन्हें दो जो तुम्हें दिल से चाहते हो

रिश्ते पैसों के मोहताज नहीं होते क्योंकि

कुछ रिश्ते मुनाफ़ा नहीं देते पर जीवन अमीर ज़रूर बना देते हैं

8. “चित्र” ही नहीं “चरित्र” भी सुंदर हो

“भवन” ही नहीं “भावना” भी सुंदर हो

“साधन” ही नही “साधना” भी सुंदर हो

“दृष्टि” ही नहीं “दृष्टिकोण” भी सुंदर हो

9. गुज़र जाते हैं खूबसूरत लम्हें

यूं ही मुसाफिरों की तरह

यादें वहीं खडी रह जाती हैं

रूके रास्तों की तरह

एकउम्रके बादउस उम्रकी बातेंउम्र भरयाद आती हैं..*

परवह उम्रफिरउम्र भर“,नहीं आती.

जिन्दगी मे कभी भी हताश ना हो
विश्वास बनाये रखे
भले ही “99” “द्वार” बंद क्यो ना हो जाये
फिर भी एक “द्वार”
कही ना कही खुला अवश्य मिलेगा

विमला की क़लम से ✍️✍️