सकारात्मक सोच # प्रेरणादायी # जागृति # Quotes #

1. दुख और तकलीफ़ें इंसान को परेशान करने के लिए नहीं

बल्कि उसके योग्यता और आत्मविश्वास का इम्तिहान लेने के लिए आती है

2. अजीब सौदागर है ये वक्त भी दोस्तों,

जवानी का लालच देकर बचपन ले गया,

और अमीरी का लालच देकर जवानी

उम्र चाहे जो भी हो हर क्षण का आनंद लीजिए

हँसते रहो , हँसाते रहो , मुस्कुराते रहो

3. दुख और दर्द कितना भी हो ,सहने की शक्ति मिल जाती है

जीवनसाथी अगर अच्छा हो तो जिन्दगी जन्नत बन जाती है

4. दिमाग़ कचरे का डिब्बा नहीं जिसमें आप क्रोध ,लोभ, घृणा,अभिमान और जलन रखें

दिमाग एक खजाना है जिसमें आप प्यार ,सम्मान ,ज्ञान ,इंसानियत , दया

जैसी बहुमूल्य चीज़ें रख सकते हैं

5. कलश से पूछा गया कि तुमने ऐसा क्या पुण्य किया है कि सबके मस्तक पर विराजते हो

उसने कहा कि मिट्टी के रूप में था तब पैरों से गूँथा गया

उसके बाद मुझे आकार दिया गया ,

धूप में तपाया गया

फिर अग्नि में जलाया गया

इतने अपमान के बाद तुम्हारे सिर पर आया हूँ इसलिए दोस्तो जीवन में अपमान को विष बनाकर अपने सम्मान का अमृत बना लेना

6. वक्त से हारा या जीता नहीं जाता

बल्कि सीखा जाता है

7. ये दुनिया भी कितनी निराली है, कभी वक़्त मिले तो सोचना

जिसकी आंखों में नींद है ,उसके पास अच्छा बिस्तर नहीं

जिसके पास अच्छा बिस्तर है ,उसकी आँखों में नींद नहीं

जिसके मन में दया है ,उसके पास खर्च करने को धन नहीं

जिसके पास खर्च करने के लिए धन है ,उसके मन में दया नहीं

जिन्हे कद्र है रिश्तों की ,उनसे कोई रिश्ता रखना नहीं चाहता..

जिनसे रिश्ता रखना चाहते हैं ,उनहे कद्र नहीं है रिश्तो की

जिसको भूख है , उसके पास खाने को भोजन नहीं

जिसके पास खाने को भोजन है , उसको भूख नही

कोई अपनो के लिए रोटी छोड़ देता है

कोई रोटी के लिए अपनो को छोड़ देता है

ये दुनिया भी कितनी निराली है, कभी वक़्त मिले तो सोचना

सकारात्मक सोचने से देखने का नजरिया बदल जाता है ,

हर चीज अच्छी लगती है

8. सच्चे व्यक्ति का व्यक्तित्व

नमक की तरह अनोखा होता है

जिसकी उपस्थिति याद नहीं रहती

मगर उसकी अनुपस्थिति

प्रत्येक चीज को बेस्वाद बना देती है

9. खाना जो हम खाते हैं, चौबीस घण्टे के अंदर शरीर से बाहर निकल जाना चाहिए वरना हम बीमार हो जायेंगे

पानी जो हम पीते हैं ,चार घण्टे के अंदर शरीर से बाहर निकल जाना चाहिए वरना हम बीमार हो जायेंगे

हवा जो हम सांस लेते हैं, कुछ सेकंड में ही वापस बाहर निकल जानी चाहिए वरना हम मर ही जायेंगे

लेकिन नकारात्मक बातें, जैसे कि घृणा, गुस्सा, ईर्ष्या,असुरक्षा आदिजिनको हम अपने अंदर दिन, महीने और सालों तक रखे रहते हैं

यदि इन नकारात्मक विचारों को समयसमय पर अपने अंदर से नहीं निकालेंगे तो एक दिन निश्चित ही हम मानसिक रोगी बन जायेंगे

“शरीर आपका ,निर्णय आपका

10.

ये मत पूछो कि जिन्दगीखुशीकब देती है

क्योंकि शिकायते तो उन्हें भी हैं जिन्हें जिन्दगी सब देती है

मानो तो मौज है नहीं तो समस्या रोज है

विमला की क़लम से ✍️✍️

5.